Black Hole क्या होता है ? और कैसे बनता है

Black Hole क्या होता है ? और कैसे बनता है 

हमारा ब्रह्मांड इतने सारे रहस्य से भरा है कि हमारी सोच और कल्पना से भी बहुत दूर है । हमारा ब्रह्मांड कब बना और कब तक रहेगा अभी तक इसकी कोई कल्पना नहीं है। आप को ब्लैक हॉल से सम्बंधित सभी प्रश्न के जवाब मिलने वाले है तो बने रहे हमारे साथ Topbharat.in पर


क्या है Black Hole ? (wahi is black hole ?)

Black hole kya hota hai
Black hole kya hota hai

ब्लैक होल को हिंदी में “कृष्ण विवर” कहा जाता है यह ब्रह्मांड का सबसे खतरनाक आकाशीय पिंड है Black Hole  प्रभाव क्षेत्र होता है जैसे हमारी पृथ्वी का अपना प्रभाव क्षेत्र गुरुत्वाकर्षण बल हैं । यही कारण है कि Black Hole का कोई वास्तविक फोटो नहीं लिया गया । Black Hole के प्रभाव क्षेत्र में कुछ भी दिखाई नहीं देता है इसलिए इसे Black Hole नाम दिया गया है। इसके प्रभाव क्षेत्र में गुरुत्वाकर्षण बल इतना प्रबल होता है कि यहाँ समय और स्पेस दोनों में विकृति उत्पन्न कर देता है यानी यहां पर समय की गति बहुत धीमी पड़ जाती है ।

दूसरे शब्दों में
नाभिकीय संलयन अभिक्रिया में निकलने वाली प्रचंड मात्रा में उस्मा के कारण ही तारा गुरुत्वाकर्षण संतुलन में रह पाता है इसलिए जब तारे में मौजूद हाइड्रोजन खत्म हो जाती है तो वह धीरे-धीरे ठंडा होने लगता है। फिर अपने ही ईन्धन को समाप्त कर जाने के बाद, सूर्य के द्रव्यमान से चार गुना द्रव्यमान वाली तारे जो अपने ही गुरुत्वाकर्षण बल के विरुद्ध खुद को नहीं संभाल पाते हो ऐसी स्थिति में इन तारों के अंदर एक विस्फोट होता है। जिसको हम सुपरनोवा कहते हैं इस विस्फोट के बाद यदि उस तारे का कोई घनत्व वाला अवशेष बचता है तो वह उच्च घनत्व युक्त न्यूट्रॉन तारा बन जाता है और इसके नाभिक में अपार गुरुत्व खिंचाव होने के कारण तारा संकुचित होने लगता है। वह संकुचित होते होते अंत में एक निश्चित क्रांतिक सीमा तक संकुचित हो जाता है। वह इस अपार असाधारण संकुचन के कारण उसका टाइम और स्पेस भी विकृत हो जाता है और अपने में ही स्पेस और टाइम का अस्तित्व मिट जाने के कारण वह अदृश्य हो जाता है इस अवस्था में तारे को हम Black Hole कहते हैं

ब्लैक होल के प्रकार (Types of black hole)
अभी तक हमारे वैज्ञानिकों ने मुख्य रूप से 3 तरह की Black Hole को खोज निकाला है अनुमान के अनुसार अभी भी कई प्रकार के Black Hole और हो सकते हैं जिसकी खोज होना अभी जारी है

1. Supermassive black hole –
इसे बिल्कुल का निर्माण आकाशगंगा के केंद्र में होता है जिसका घनत्व बहुत ही अधिक और विशाल होता है। ऐसे ब्लैक होल का द्रव्यमान हमारी सूर्य से कई लाखों गुना अधिक होता है।

2. Stellar mass black hole –
इस प्रकार के Black Hole का निर्माण नाभिक संकुचन के कारण होता है और वह अंत में एक Black Hole का रूप ले लेता है। ऐसा तारा जिसका द्रव्यमान हमारी सूर्य से कई गुना अधिक होता है

3. Primordial black hole –
यह ब्लैक होल ऊपर वाली दोनों Black Hole से बिल्कुल विपरीत होता है इस Black Hole का द्रव्यमान हमारे सूर्य से कम होता है और जिनका निर्माण गुरुत्व संकुचन के कारण नहीं बल्कि अपनी केंद्रता और ताप के संपीड़न होने के कारण होता है।

ब्लैक होल की खोज किसने की थी ?

Black Hole की खोज कार्ल और जॉन व्हीलर ने 1916 की थी।

  • ब्लैक होल के बारे में सबसे पहले अपने विचार दुनिया के सामने प्रोफेसर जॉन माइकल ने 19783 में प्रकट किए थे

पृथ्वी के सबसे नजदिक Black Hole का नाम ?

हमारे पृथ्वी के सबसे नजदीक Black Hole का नाम V616 Monocerotis है जो हमारी पृथ्वी से 3000 प्रकाश वर्ष दूर है (1 प्रकाश वर्ष = प्रकाश की किरण द्वारा एक साल में तय की गई दूरी ) । यह Black Hole हमारी पृथ्वी के सौरमंडल  पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है क्योंकि इसका गुरुत्वीय प्रभाव हमारे पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाता है

Black Hole का निर्माण कैसे होता है
 भौतिक विज्ञान के अनुसार-
यदि किसी तारे या आकाशीय पिंड को संकुचित करके एक सीमा से भी छोटा कर दिया जाए तो वह Black Hole में परिवर्तित हो जाएगा यथार्थ

Black hole kya hota hai
Black hole kya hota hai

     

  • अगर किसी पिंड को इसकी Redius रेडियस की 9 मिलीमीटर या 0.35 इंच से भी कम के गोले में संकुचित किए जाए वह भी इसकी आकृति को बिना परिवर्तित किए तो वह Black Hole में परिवर्तित हो जाएगा
  • लेकिन विज्ञान के अनुसार किसी पिंड को इतनी सीमा तक संकुचित करना अभी तक संभव नहीं है और ना ही ऐसा किया जा सकता है
  • जब किसी तारे के नाभिक में हाइड्रोजन ऊर्जा खत्म हो जाती है तो वह धीरे-धीरे ठंडा होने लगता है और वह सूर्य से चार गुना द्रव्यमान या इससे अधिक हो जाता है और अपने आपको अपने गुरुत्वाकर्षण बल की विरुद्ध संभाल नहीं पाता है। अतः एक बहुत बड़ा विस्फोट होता है जिसको सुपरनोवा विस्पोट कहते है। इसके बाद उस तारे का कोई अवशेष नहीं बचता है वह बहुत ज्यादा घनत्व वाला न्यूट्रॉन तारा बन जाता है और फिर उसमें गुरुत्व खिंचाव के कारण संकुचन होने लगता है और वह अवशेष अपने से अधिक संकुचित होकर एक भयंकर और खतरनाक संरचना का निर्माण करता है इस समय स्पेस का अस्तित्व मिट जाता है जिस कारण हो  इस पिंड को ही Black Hole कहाँ जाता है और इस प्रकार इसका निर्माण होता है
अगर कोई इंसान ब्लैक होल में गिर जाए तो क्या होगा ?
ब्लैक होल अंतरिक्ष में वह जगह है जहां भौतिक के सभी नियम काम करना बंद कर देते हैं और इसका गुरुत्वाकर्षण बहुत ही अधिक होता है इसके खिंचाव से कुछ भी नहीं बच सकता प्रकाश भी यहां प्रवेश करने के बाद बाहर नहीं निकल सकता 
अगर कोई आदमी या वायुयान Black Hole की चपेट में आ जाए तो आप तुरंत ही जलकर राख हो जाएगे या आप का शरीर अधिक गुरुत्वाकर्षण के कारण अणु और परमाणु में टूट जाएगा और आप के अणु Black Hole में सफर करते रहेंगे

क्या हम अपनी आँखों से ब्लैक होल देख सकते है ?
हम अपनी आँखों से ब्लैक होल को नहीं देख सकते क्योंकि ब्लैक होल अद्रश्य होते है । वैज्ञानिक भी इनके गुरुत्व प्रभाव से ही ब्लैक होल की पहचान कर पाते है ।

क्या ब्लैक होल से समय की यात्रा कर सकते है ? 

Black hole kya hota hai





हम पहले भी बता चुके है कि इसके द्वारा टाइम ट्रेवल कर सकते है क्योंकि ब्लैक होल में समय और स्पेस रुक जाते है
अगर आप कल्पना करे की आप ब्लैक होल में गिरने के बाद सुरक्षित बच जाते है । और आप वहां पर 5 साल बिताकर वापस किसी कारण से ब्लेक होल से बाहर निकल जाये तो आप के वो 5 साल पृथ्वी पर 1000 साल के बराबर होगा 


प्रमोट वेबसाइड :  अच्छी कहानी

दोस्तों आशा करता हु आप को दी गई जानकारी बहुत ही पसंद आई होगी। इसी प्रकार की नई जानकारी के लिए आप हमारी हिंदी वेबसाइट TopBharat पर जुड़े रहे। इसके बाद भी आप के कोई प्रशन है तो आप हमें निचे कमेंट कर सकते है। हमें आप की मदद करने में बहुत ख़ुशी होगी धन्यवाद।

Leave a Comment